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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-11-26

शिकागो पंचांग — 26 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 10:19 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 4तक 06:17 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसाध्यतक 04:14 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:00 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:53 AM
सूर्यास्त04:22 PM
चन्द्रोदय06:24 PM
चन्द्रास्त09:25 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:18 AM – 11:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त05:17 AM – 06:05 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:48 PM – 01:59 PM
गुलिक काल09:15 AM – 10:26 AM
यमगण्ड06:53 AM – 08:04 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:34 PM – 01:12 PM
दुर्मुहूर्त03:06 PM – 03:44 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:53 AM – 08:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:04 AM – 09:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 AM – 10:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:26 AM – 11:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:37 AM – 12:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:48 PM – 01:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:59 PM – 03:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:10 PM – 04:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:22 PM – 06:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:10 PM – 07:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:59 PM – 09:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:48 PM – 11:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:37 PM – 01:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:26 AM – 03:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:15 AM – 05:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:04 AM – 06:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle