VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-12-01

शिकागो पंचांग — 1 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 11:44 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 2तक 09:25 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 11:01 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 11:44 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:58 AM
सूर्यास्त04:21 PM
चन्द्रोदय12:38 AM
चन्द्रास्त12:22 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:20 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त05:22 AM – 06:10 AM
अमृत काल03:59 PM – 05:35 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:00 PM – 03:10 PM
गुलिक काल11:39 AM – 12:49 PM
यमगण्ड09:18 AM – 10:29 AM
वर्ज्यम्06:22 AM – 07:58 AM
दुर्मुहूर्त10:43 AM – 11:20 AM
दुर्मुहूर्त01:13 PM – 01:50 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:58 AM – 08:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:08 AM – 09:18 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:18 AM – 10:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:29 AM – 11:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:39 AM – 12:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:49 PM – 02:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:00 PM – 03:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:10 PM – 04:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:21 PM – 06:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:10 PM – 08:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:00 PM – 09:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:49 PM – 11:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:39 PM – 01:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:29 AM – 03:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:18 AM – 05:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:08 AM – 06:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle