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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2027-03-30

शिकागो पंचांग — 30 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 09:10 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 07:51 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 09:23 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 09:10 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त07:14 PM
चन्द्रोदय03:06 AM
चन्द्रास्त11:49 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल03:03 PM – 04:51 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:04 PM – 05:39 PM
गुलिक काल12:55 PM – 02:30 PM
यमगण्ड09:46 AM – 11:20 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:39 AM – 12:30 PM
दुर्मुहूर्त03:01 PM – 03:52 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:37 AM – 08:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:11 AM – 09:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:46 AM – 11:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:20 AM – 12:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:55 PM – 02:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:30 PM – 04:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:04 PM – 05:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:39 PM – 07:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:14 PM – 08:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:39 PM – 10:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:04 PM – 11:30 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:30 PM – 12:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:55 AM – 02:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:20 AM – 03:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:46 AM – 05:11 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:11 AM – 06:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle