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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2027-04-10

शिकागो पंचांग — 10 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शनिवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 01:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 04:23 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगआयुष्मान्तक 11:51 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 01:10 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:18 AM
सूर्यास्त07:26 PM
चन्द्रोदय08:11 AM
चन्द्रास्त12:09 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:42 AM – 05:30 AM
अमृत काल01:39 AM – 03:10 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:35 AM – 11:13 AM
गुलिक काल06:18 AM – 07:56 AM
यमगण्ड02:30 PM – 04:09 PM
वर्ज्यम्09:06 PM – 10:37 PM
दुर्मुहूर्त09:48 AM – 10:40 AM
दुर्मुहूर्त03:03 PM – 03:55 PM

दिन चौघड़िया

काल06:18 AM – 07:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:56 AM – 09:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:35 AM – 11:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:13 AM – 12:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:52 PM – 02:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:30 PM – 04:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:09 PM – 05:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:47 PM – 07:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:26 PM – 08:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:47 PM – 10:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:09 PM – 11:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:30 PM – 12:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:52 AM – 02:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:13 AM – 03:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:35 AM – 04:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:56 AM – 06:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle