VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2027-05-24

शिकागो पंचांग — 24 मई 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 12:29 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 4तक 11:38 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुभतक 01:24 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 12:29 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:22 AM
सूर्यास्त08:13 PM
चन्द्रोदय12:09 AM
चन्द्रास्त08:27 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:46 AM – 04:34 AM
अमृत काल05:36 AM – 07:24 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:13 AM – 09:04 AM
गुलिक काल02:38 PM – 04:30 PM
यमगण्ड10:56 AM – 12:47 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:17 PM – 01:17 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:15 PM – 05:14 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:22 AM – 07:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:13 AM – 09:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:04 AM – 10:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:56 AM – 12:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:47 PM – 02:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:38 PM – 04:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:30 PM – 06:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:21 PM – 08:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:13 PM – 09:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:21 PM – 10:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:30 PM – 11:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:38 PM – 12:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:47 AM – 01:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:56 AM – 03:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:04 AM – 04:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:13 AM – 05:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle