VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2027-07-22

शिकागो पंचांग — 22 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · गुरुवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 08:26 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 12:55 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 08:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:24 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त08:19 PM
चन्द्रोदय10:12 PM
चन्द्रास्त09:21 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:27 PM – 01:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल04:28 AM – 06:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:47 PM – 04:37 PM
गुलिक काल09:15 AM – 11:05 AM
यमगण्ड05:34 AM – 07:24 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:25 PM – 03:24 PM
दुर्मुहूर्त06:21 PM – 07:20 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:34 AM – 07:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:24 AM – 09:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 AM – 11:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:05 AM – 12:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:56 PM – 02:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:47 PM – 04:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:37 PM – 06:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:28 PM – 08:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत08:19 PM – 09:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:28 PM – 10:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:37 PM – 11:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:47 PM – 12:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:56 AM – 02:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:05 AM – 03:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:15 AM – 04:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:24 AM – 05:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle