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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2027-08-24

शिकागो पंचांग — 24 अगस्त 2027

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 09:55 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 01:58 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगध्रुवतक 01:18 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 09:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त07:37 PM
चन्द्रोदय11:01 PM
चन्द्रास्त01:45 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM – 05:20 AM
अमृत काल11:43 PM – 01:18 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:14 PM – 05:55 PM
गुलिक काल12:52 PM – 02:33 PM
यमगण्ड09:30 AM – 11:11 AM
वर्ज्यम्02:12 PM – 03:47 PM
दुर्मुहूर्त11:31 AM – 12:25 PM
दुर्मुहूर्त03:07 PM – 04:01 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:08 AM – 07:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:49 AM – 09:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:30 AM – 11:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:11 AM – 12:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:52 PM – 02:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:33 PM – 04:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:14 PM – 05:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:55 PM – 07:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:37 PM – 08:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:55 PM – 10:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:14 PM – 11:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:33 PM – 12:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:52 AM – 02:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:11 AM – 03:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:30 AM – 04:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:49 AM – 06:08 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle