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VedicSpaceपंचांगकोयंबटूर › 2026-06-22

कोयंबटूर पंचांग — 22 जून 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · सोमवार · तमिलनाडु (11.0168°, 76.9558°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोयंबटूर (11.0168°, 76.9558°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 03:40 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 4तक 10:22 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्यतीपाततक 10:31 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 03:40 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त06:47 PM
चन्द्रोदय12:43 PM
चन्द्रास्त12:09 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:36 AM – 09:12 AM
गुलिक काल01:59 PM – 03:35 PM
यमगण्ड10:48 AM – 12:24 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:49 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:22 PM – 04:13 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:01 AM – 07:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:36 AM – 09:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:12 AM – 10:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:48 AM – 12:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:24 PM – 01:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:59 PM – 03:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:35 PM – 05:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:11 PM – 06:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:47 PM – 08:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:11 PM – 09:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:35 PM – 10:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:59 PM – 12:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:24 AM – 01:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:48 AM – 03:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:12 AM – 04:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:36 AM – 06:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle