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VedicSpaceपंचांगकोलंबो › 2026-05-11

कोलंबो पंचांग — 11 मई 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · सोमवार · (6.9271°, 79.8612°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलंबो (6.9271°, 79.8612°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 03:25 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 1तक 01:28 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगइन्द्रतक 01:04 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 03:25 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:54 AM
सूर्यास्त06:20 PM
चन्द्रोदय01:19 AM
चन्द्रास्त01:23 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:18 AM – 05:06 AM
अमृत काल06:00 PM – 07:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:27 AM – 09:00 AM
गुलिक काल01:40 PM – 03:13 PM
यमगण्ड10:33 AM – 12:07 PM
वर्ज्यम्08:11 AM – 09:49 AM
अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:31 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:01 PM – 03:50 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:54 AM – 07:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:27 AM – 09:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:00 AM – 10:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:33 AM – 12:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:07 PM – 01:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:40 PM – 03:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:13 PM – 04:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:46 PM – 06:20 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:20 PM – 07:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:46 PM – 09:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:13 PM – 10:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:40 PM – 12:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:07 AM – 01:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:33 AM – 03:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:00 AM – 04:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:27 AM – 05:54 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle