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VedicSpaceपंचांगकोलंबो › 2026-08-23

कोलंबो पंचांग — 23 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · (6.9271°, 79.8612°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलंबो (6.9271°, 79.8612°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 04:19 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 05:44 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:14 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 03:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चन्द्रोदय02:50 PM
चन्द्रास्त01:45 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल10:38 AM – 12:26 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:49 PM – 06:22 PM
गुलिक काल03:17 PM – 04:49 PM
यमगण्ड12:13 PM – 01:45 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:43 PM – 05:32 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:04 AM – 07:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:36 AM – 09:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:08 AM – 10:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:40 AM – 12:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:13 PM – 01:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:45 PM – 03:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:17 PM – 04:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:49 PM – 06:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:22 PM – 07:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:49 PM – 09:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:17 PM – 10:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:45 PM – 12:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:13 AM – 01:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:40 AM – 03:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:08 AM – 04:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:36 AM – 06:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle