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VedicSpaceपंचांगकोलंबो › 2026-10-17

कोलंबो पंचांग — 17 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, मूल नक्षत्र · शनिवार · (6.9271°, 79.8612°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलंबो (6.9271°, 79.8612°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 08:28 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 09:47 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 11:02 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 07:12 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चन्द्रोदय11:23 AM
चन्द्रास्त11:11 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:21 AM – 05:09 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:56 AM – 10:26 AM
गुलिक काल05:57 AM – 07:26 AM
यमगण्ड01:25 PM – 02:55 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:08 AM – 09:56 AM
दुर्मुहूर्त01:55 PM – 02:43 PM

दिन चौघड़िया

काल05:57 AM – 07:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:26 AM – 08:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:56 AM – 10:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:26 AM – 11:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:56 AM – 01:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:25 PM – 02:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:55 PM – 04:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:25 PM – 05:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:55 PM – 07:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:25 PM – 08:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:55 PM – 10:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:25 PM – 11:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:56 PM – 01:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:26 AM – 02:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:56 AM – 04:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:26 AM – 05:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle