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VedicSpaceपंचांगकोलंबो › 2026-11-08

कोलंबो पंचांग — 8 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · रविवार · (6.9271°, 79.8612°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलंबो (6.9271°, 79.8612°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 11:28 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 07:24 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 03:03 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 11:28 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त05:50 PM
चन्द्रोदय05:00 AM
चन्द्रास्त04:58 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:23 AM – 05:11 AM
अमृत काल10:01 PM – 11:43 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:21 PM – 05:50 PM
गुलिक काल02:52 PM – 04:21 PM
यमगण्ड11:54 AM – 01:23 PM
वर्ज्यम्11:48 AM – 01:31 PM
दुर्मुहूर्त04:15 PM – 05:02 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:59 AM – 07:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:27 AM – 08:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:56 AM – 10:25 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:25 AM – 11:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:54 AM – 01:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:23 PM – 02:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:52 PM – 04:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:21 PM – 05:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:50 PM – 07:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:21 PM – 08:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:52 PM – 10:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:23 PM – 11:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:54 PM – 01:25 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:25 AM – 02:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:56 AM – 04:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:27 AM – 05:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle