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VedicSpaceपंचांगकोलंबो › 2027-05-02

कोलंबो पंचांग — 2 मई 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · (6.9271°, 79.8612°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलंबो (6.9271°, 79.8612°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 07:52 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 1तक 02:40 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 06:29 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय02:39 AM
चन्द्रास्त02:50 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:20 AM – 05:08 AM
अमृत काल06:09 PM – 07:51 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:46 PM – 06:19 PM
गुलिक काल03:13 PM – 04:46 PM
यमगण्ड12:07 PM – 01:40 PM
वर्ज्यम्08:01 AM – 09:43 AM
दुर्मुहूर्त04:39 PM – 05:29 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:56 AM – 07:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:28 AM – 09:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:01 AM – 10:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:34 AM – 12:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:07 PM – 01:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:40 PM – 03:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:13 PM – 04:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:46 PM – 06:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:19 PM – 07:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:46 PM – 09:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:13 PM – 10:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:40 PM – 12:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:07 AM – 01:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:34 AM – 03:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:01 AM – 04:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:28 AM – 05:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle