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VedicSpaceपंचांगकोलंबो › 2027-09-02

कोलंबो पंचांग — 2 सितम्बर 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · (6.9271°, 79.8612°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलंबो (6.9271°, 79.8612°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 04:50 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 2तक 05:36 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसाध्यतक 02:09 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:17 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:03 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय07:18 AM
चन्द्रास्त07:31 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:27 AM – 05:15 AM
अमृत काल11:05 AM – 12:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:42 PM – 03:14 PM
गुलिक काल09:06 AM – 10:38 AM
यमगण्ड06:03 AM – 07:34 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:24 PM – 02:13 PM
दुर्मुहूर्त04:40 PM – 05:29 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:03 AM – 07:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:34 AM – 09:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:06 AM – 10:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 AM – 12:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:10 PM – 01:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:42 PM – 03:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:14 PM – 04:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:46 PM – 06:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:18 PM – 07:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:46 PM – 09:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:14 PM – 10:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:42 PM – 12:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:10 AM – 01:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:38 AM – 03:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:06 AM – 04:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:34 AM – 06:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle