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VedicSpaceपंचांगदेहरादून › 2026-08-21

देहरादून पंचांग — 21 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तराखंड (30.3165°, 78.0322°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना देहरादून (30.3165°, 78.0322°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 11:36 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 4तक 11:53 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 05:18 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 10:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:48 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय02:14 PM
चन्द्रास्त12:02 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:12 AM – 05:00 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:42 AM – 12:21 PM
गुलिक काल07:26 AM – 09:04 AM
यमगण्ड03:37 PM – 05:15 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:02 AM – 11:54 AM
दुर्मुहूर्त02:32 PM – 03:24 PM

दिन चौघड़िया

चर05:48 AM – 07:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:26 AM – 09:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:04 AM – 10:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:42 AM – 12:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:21 PM – 01:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:59 PM – 03:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:37 PM – 05:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:15 PM – 06:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:54 PM – 08:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:15 PM – 09:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:37 PM – 10:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:59 PM – 12:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:21 AM – 01:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:42 AM – 03:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:04 AM – 04:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:26 AM – 05:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle