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VedicSpaceपंचांगदेहरादून › 2026-10-20

देहरादून पंचांग — 20 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तराखंड (30.3165°, 78.0322°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना देहरादून (30.3165°, 78.0322°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 12:50 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 06:02 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशूलतक 12:50 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 12:50 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त05:42 PM
चन्द्रोदय02:23 PM
चन्द्रास्त12:18 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM – 05:35 AM
अमृत काल07:03 AM – 08:47 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:52 PM – 04:17 PM
गुलिक काल12:02 PM – 01:27 PM
यमगण्ड09:12 AM – 10:37 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:54 AM – 11:39 AM
दुर्मुहूर्त01:55 PM – 02:40 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:23 AM – 07:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:47 AM – 09:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:12 AM – 10:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:37 AM – 12:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:02 PM – 01:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:27 PM – 02:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:52 PM – 04:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:17 PM – 05:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:42 PM – 07:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:17 PM – 08:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 PM – 10:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:27 PM – 12:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:02 AM – 01:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:37 AM – 03:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:12 AM – 04:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:47 AM – 06:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle