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VedicSpaceपंचांगदिल्ली › 2026-04-24

दिल्ली पंचांग — 24 अप्रैल 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · शुक्रवार · दिल्ली (28.6139°, 77.209°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दिल्ली (28.6139°, 77.209°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 07:22 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 08:14 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशूलतक 01:24 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:01 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त06:52 PM
चन्द्रोदय12:05 PM
चन्द्रास्त01:14 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:53 AM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल01:47 PM – 03:20 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:41 AM – 12:19 PM
गुलिक काल07:25 AM – 09:03 AM
यमगण्ड03:35 PM – 05:13 PM
वर्ज्यम्04:25 AM – 05:59 AM
दुर्मुहूर्त11:01 AM – 11:53 AM
दुर्मुहूर्त02:30 PM – 03:22 PM

दिन चौघड़िया

चर05:47 AM – 07:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:25 AM – 09:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:03 AM – 10:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:41 AM – 12:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:19 PM – 01:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:57 PM – 03:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:35 PM – 05:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:13 PM – 06:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:52 PM – 08:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:13 PM – 09:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:35 PM – 10:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:57 PM – 12:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:19 AM – 01:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:41 AM – 03:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:03 AM – 04:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:25 AM – 05:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle