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VedicSpaceपंचांगदिल्ली › 2026-08-22

दिल्ली पंचांग — 22 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · दिल्ली (28.6139°, 77.209°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दिल्ली (28.6139°, 77.209°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 02:00 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 02:49 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:14 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:48 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:54 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय03:06 PM
चन्द्रास्त12:10 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:18 AM – 05:06 AM
अमृत काल04:50 AM – 06:38 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:09 AM – 10:46 AM
गुलिक काल05:54 AM – 07:31 AM
यमगण्ड02:01 PM – 03:39 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:22 AM – 10:14 AM
दुर्मुहूर्त02:34 PM – 03:26 PM

दिन चौघड़िया

काल05:54 AM – 07:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:31 AM – 09:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:09 AM – 10:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:46 AM – 12:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:24 PM – 02:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:01 PM – 03:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:39 PM – 05:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:16 PM – 06:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:54 PM – 08:16 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:16 PM – 09:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:39 PM – 11:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:01 PM – 12:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:24 AM – 01:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:46 AM – 03:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:09 AM – 04:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:31 AM – 05:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle