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VedicSpaceपंचांगदिल्ली › 2026-08-27

दिल्ली पंचांग — 27 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · दिल्ली (28.6139°, 77.209°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दिल्ली (28.6139°, 77.209°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 09:09 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 02:15 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशोभनतक 07:55 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 09:09 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त06:49 PM
चन्द्रोदय06:27 PM
चन्द्रास्त04:50 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:48 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:20 AM – 05:08 AM
अमृत काल03:11 PM – 04:52 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:59 PM – 03:35 PM
गुलिक काल09:09 AM – 10:45 AM
यमगण्ड05:56 AM – 07:32 AM
वर्ज्यम्05:01 AM – 06:42 AM
दुर्मुहूर्त01:39 PM – 02:31 PM
दुर्मुहूर्त05:05 PM – 05:57 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:56 AM – 07:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:32 AM – 09:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:09 AM – 10:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:45 AM – 12:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:22 PM – 01:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:59 PM – 03:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:35 PM – 05:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:12 PM – 06:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:49 PM – 08:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:12 PM – 09:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:35 PM – 10:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:59 PM – 12:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:22 AM – 01:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:45 AM – 03:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:09 AM – 04:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:32 AM – 05:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle