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VedicSpaceपंचांगदिल्ली › 2026-09-05

दिल्ली पंचांग — 5 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शनिवार · दिल्ली (28.6139°, 77.209°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दिल्ली (28.6139°, 77.209°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 09:54 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 09:31 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवज्रतक 12:47 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 11:04 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चन्द्रोदय12:32 AM
चन्द्रास्त02:10 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल01:18 PM – 02:48 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:10 AM – 10:45 AM
गुलिक काल06:01 AM – 07:35 AM
यमगण्ड01:54 PM – 03:29 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:23 AM – 10:13 AM
दुर्मुहूर्त02:26 PM – 03:16 PM

दिन चौघड़िया

काल06:01 AM – 07:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:35 AM – 09:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:10 AM – 10:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:45 AM – 12:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:20 PM – 01:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:54 PM – 03:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:29 PM – 05:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:04 PM – 06:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:39 PM – 08:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:04 PM – 09:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:29 PM – 10:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:54 PM – 12:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:20 AM – 01:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:45 AM – 03:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:10 AM – 04:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:35 AM – 06:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle