VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगदिल्ली › 2026-11-16

दिल्ली पंचांग — 16 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · सोमवार · दिल्ली (28.6139°, 77.209°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दिल्ली (28.6139°, 77.209°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 04:20 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रश्रवण · पाद 1तक 02:17 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगगण्डतक 07:16 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 03:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:44 AM
सूर्यास्त05:27 PM
चन्द्रोदय12:21 PM
चन्द्रास्त11:10 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:08 AM – 05:56 AM
अमृत काल03:25 PM – 05:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:04 AM – 09:24 AM
गुलिक काल01:25 PM – 02:46 PM
यमगण्ड10:45 AM – 12:05 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:26 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:35 PM – 03:18 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:44 AM – 08:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:04 AM – 09:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:24 AM – 10:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:45 AM – 12:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:05 PM – 01:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:25 PM – 02:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:46 PM – 04:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 PM – 05:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:27 PM – 07:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:06 PM – 08:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:46 PM – 10:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:25 PM – 12:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:05 AM – 01:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:45 AM – 03:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:24 AM – 05:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:04 AM – 06:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle