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VedicSpaceपंचांगढाका › 2025-11-14

ढाका पंचांग — 14 नवम्बर 2025

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 01:20 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 2तक 09:50 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 06:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त05:13 PM
चन्द्रोदय01:03 AM
चन्द्रास्त01:40 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:20 AM – 12:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल03:09 PM – 04:52 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:19 AM – 11:42 AM
गुलिक काल07:34 AM – 08:57 AM
यमगण्ड02:27 PM – 03:50 PM
वर्ज्यम्04:49 AM – 06:33 AM
दुर्मुहूर्त10:36 AM – 11:20 AM
दुर्मुहूर्त01:32 PM – 02:16 PM

दिन चौघड़िया

चर06:12 AM – 07:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:34 AM – 08:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:57 AM – 10:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:19 AM – 11:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:42 AM – 01:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:05 PM – 02:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:27 PM – 03:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:50 PM – 05:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:13 PM – 06:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:50 PM – 08:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:27 PM – 10:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:05 PM – 11:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:42 PM – 01:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:19 AM – 02:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:57 AM – 04:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:34 AM – 06:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle