VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-06-13

ढाका पंचांग — 13 जून 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 04:38 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 01:47 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसुकर्मातक 05:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:25 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:10 AM
सूर्यास्त06:46 PM
चन्द्रोदय03:01 AM
चन्द्रास्त04:54 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:34 AM – 04:22 AM
अमृत काल10:50 PM – 12:14 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:34 AM – 10:16 AM
गुलिक काल05:10 AM – 06:52 AM
यमगण्ड01:40 PM – 03:22 PM
वर्ज्यम्02:21 PM – 03:46 PM
दुर्मुहूर्त08:47 AM – 09:42 AM
दुर्मुहूर्त02:14 PM – 03:08 PM

दिन चौघड़िया

काल05:10 AM – 06:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:52 AM – 08:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:34 AM – 10:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:16 AM – 11:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:58 AM – 01:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:40 PM – 03:22 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:22 PM – 05:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:04 PM – 06:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:46 PM – 08:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:04 PM – 09:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:22 PM – 10:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:40 PM – 11:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:58 PM – 01:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:16 AM – 02:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 AM – 03:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:52 AM – 05:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle