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VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-06-19

ढाका पंचांग — 19 जून 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · शुक्रवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 05:30 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 4तक 10:37 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 03:23 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 06:24 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:11 AM
सूर्यास्त06:48 PM
चन्द्रोदय09:32 AM
चन्द्रास्त10:35 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:35 AM – 04:23 AM
अमृत काल08:16 AM – 09:48 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:17 AM – 11:59 AM
गुलिक काल06:53 AM – 08:35 AM
यमगण्ड03:23 PM – 05:05 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:37 AM – 11:32 AM
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 03:10 PM

दिन चौघड़िया

चर05:11 AM – 06:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:53 AM – 08:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:35 AM – 10:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:17 AM – 11:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:59 AM – 01:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:41 PM – 03:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:23 PM – 05:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:05 PM – 06:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:48 PM – 08:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:05 PM – 09:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:23 PM – 10:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:41 PM – 11:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:59 PM – 01:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:17 AM – 02:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:35 AM – 03:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:53 AM – 05:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle