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VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-07-08

ढाका पंचांग — 8 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, रेवती नक्षत्र · बुधवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 12:52 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररेवती · पाद 3तक 04:30 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगअतिगण्डतक 01:08 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 12:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:17 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय12:09 AM
चन्द्रास्त12:26 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:41 AM – 04:29 AM
अमृत काल01:27 PM – 03:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:03 PM – 01:45 PM
गुलिक काल10:21 AM – 12:03 PM
यमगण्ड06:58 AM – 08:40 AM
वर्ज्यम्04:05 AM – 05:38 AM
अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:53 AM – 09:48 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:17 AM – 06:58 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:58 AM – 08:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:40 AM – 10:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:21 AM – 12:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:03 PM – 01:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:45 PM – 03:26 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:26 PM – 05:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:08 PM – 06:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:50 PM – 08:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:08 PM – 09:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:26 PM – 10:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:45 PM – 12:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:03 AM – 01:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:21 AM – 02:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:40 AM – 03:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:58 AM – 05:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle