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VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-08-05

ढाका पंचांग — 5 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 09:12 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 09:48 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशूलतक 05:59 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:57 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:29 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चन्द्रोदय10:48 PM
चन्द्रास्त11:19 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:53 AM – 04:41 AM
अमृत काल02:17 PM – 03:50 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:04 PM – 01:42 PM
गुलिक काल10:25 AM – 12:04 PM
यमगण्ड07:07 AM – 08:46 AM
वर्ज्यम्05:24 PM – 06:57 PM
अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:59 AM – 09:52 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:29 AM – 07:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:07 AM – 08:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:46 AM – 10:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:25 AM – 12:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:04 PM – 01:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:42 PM – 03:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:21 PM – 05:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:00 PM – 06:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:39 PM – 08:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:00 PM – 09:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:21 PM – 10:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:42 PM – 12:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 AM – 01:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:25 AM – 02:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:46 AM – 04:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:07 AM – 05:29 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle