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VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-08-14

ढाका पंचांग — 14 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 07:17 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 04:12 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 09:58 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 08:10 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:33 AM
सूर्यास्त06:33 PM
चन्द्रोदय06:59 AM
चन्द्रास्त07:36 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:57 AM – 04:45 AM
अमृत काल09:36 PM – 11:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:25 AM – 12:03 PM
गुलिक काल07:10 AM – 08:48 AM
यमगण्ड03:18 PM – 04:55 PM
वर्ज्यम्12:22 PM – 01:54 PM
दुर्मुहूर्त10:45 AM – 11:37 AM
दुर्मुहूर्त02:13 PM – 03:05 PM

दिन चौघड़िया

चर05:33 AM – 07:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:10 AM – 08:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:48 AM – 10:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:25 AM – 12:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:03 PM – 01:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:40 PM – 03:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:18 PM – 04:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:55 PM – 06:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:33 PM – 07:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:55 PM – 09:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:18 PM – 10:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:40 PM – 12:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:03 AM – 01:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:25 AM – 02:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:48 AM – 04:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:10 AM – 05:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle