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VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-09-05

ढाका पंचांग — 5 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शनिवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 10:24 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 10:01 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवज्रतक 01:17 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 11:34 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:41 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चन्द्रोदय12:20 AM
चन्द्रास्त01:31 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:31 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:05 AM – 04:53 AM
अमृत काल01:28 PM – 02:58 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:49 AM – 10:23 AM
गुलिक काल05:41 AM – 07:15 AM
यमगण्ड01:31 PM – 03:05 PM
वर्ज्यम्04:30 AM – 06:00 AM
दुर्मुहूर्त09:01 AM – 09:51 AM
दुर्मुहूर्त02:02 PM – 02:52 PM

दिन चौघड़िया

काल05:41 AM – 07:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:15 AM – 08:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:49 AM – 10:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:23 AM – 11:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:57 AM – 01:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:31 PM – 03:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:05 PM – 04:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:39 PM – 06:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:13 PM – 07:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:39 PM – 09:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:05 PM – 10:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:31 PM – 11:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:57 PM – 01:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:23 AM – 02:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:49 AM – 04:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:15 AM – 05:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle