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VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-11-01

ढाका पंचांग — 1 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · रविवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 03:22 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 4तक 06:09 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 03:09 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 03:22 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त05:20 PM
चन्द्रोदय11:24 PM
चन्द्रास्त12:08 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:19 AM – 12:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:55 PM – 05:20 PM
गुलिक काल02:31 PM – 03:55 PM
यमगण्ड11:42 AM – 01:06 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:49 PM – 04:34 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:04 AM – 07:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:28 AM – 08:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:53 AM – 10:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:17 AM – 11:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:42 AM – 01:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:06 PM – 02:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:31 PM – 03:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:55 PM – 05:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:20 PM – 06:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:55 PM – 08:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:31 PM – 10:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:06 PM – 11:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:42 PM – 01:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:17 AM – 02:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:53 AM – 04:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:28 AM – 06:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle