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VedicSpaceपंचांगढाका › 2027-01-06

ढाका पंचांग — 6 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मूल नक्षत्र · बुधवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 11:44 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमूल · पाद 1तक 06:38 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 02:02 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:26 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:42 AM
सूर्यास्त05:26 PM
चन्द्रोदय05:33 AM
चन्द्रास्त03:59 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:06 AM – 05:54 AM
अमृत काल12:08 AM – 01:56 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:04 PM – 01:24 PM
गुलिक काल10:43 AM – 12:04 PM
यमगण्ड08:02 AM – 09:23 AM
वर्ज्यम्01:19 PM – 03:07 PM
अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:25 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:33 AM – 10:16 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:42 AM – 08:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:02 AM – 09:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:23 AM – 10:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:43 AM – 12:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:04 PM – 01:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:24 PM – 02:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:45 PM – 04:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:05 PM – 05:26 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:26 PM – 07:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:05 PM – 08:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:45 PM – 10:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:24 PM – 12:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 AM – 01:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:43 AM – 03:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:23 AM – 05:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:02 AM – 06:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle