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VedicSpaceपंचांगढाका › 2027-03-01

ढाका पंचांग — 1 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · सोमवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 02:37 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 04:57 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवज्रतक 11:41 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 01:24 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:21 AM
सूर्यास्त06:01 PM
चन्द्रोदय01:21 AM
चन्द्रास्त11:47 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM – 05:33 AM
अमृत काल07:28 AM – 09:16 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:48 AM – 09:16 AM
गुलिक काल01:38 PM – 03:06 PM
यमगण्ड10:43 AM – 12:11 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:34 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:54 PM – 03:41 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:21 AM – 07:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:48 AM – 09:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:16 AM – 10:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:43 AM – 12:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:11 PM – 01:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:38 PM – 03:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:06 PM – 04:33 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:33 PM – 06:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:01 PM – 07:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:33 PM – 09:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:06 PM – 10:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:38 PM – 12:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:11 AM – 01:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:43 AM – 03:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:16 AM – 04:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:48 AM – 06:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle