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VedicSpaceपंचांगढाका › 2027-05-18

ढाका पंचांग — 18 मई 2027

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 04:34 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 12:13 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 12:25 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 04:34 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:15 AM
सूर्यास्त06:35 PM
चन्द्रोदय04:48 PM
चन्द्रास्त03:16 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:39 AM – 04:27 AM
अमृत काल04:58 AM – 06:35 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:15 PM – 04:55 PM
गुलिक काल11:55 AM – 01:35 PM
यमगण्ड08:35 AM – 10:15 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:35 AM – 11:28 AM
दुर्मुहूर्त02:08 PM – 03:01 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:15 AM – 06:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:55 AM – 08:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:35 AM – 10:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:15 AM – 11:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:55 AM – 01:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:35 PM – 03:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:15 PM – 04:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:55 PM – 06:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:35 PM – 07:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:55 PM – 09:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:15 PM – 10:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:35 PM – 11:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:55 PM – 01:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:15 AM – 02:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:35 AM – 03:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:55 AM – 05:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle