VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2025-10-04
शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी | तक 02:39 PM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | धनिष्ठा · पाद 4 | तक 06:39 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शूल | तक 04:56 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | बालव | तक 02:39 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:27 AM |
| सूर्यास्त | 05:18 PM |
| चन्द्रोदय | 03:37 PM |
| चन्द्रास्त | 02:16 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 10:58 AM – 11:46 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:51 AM – 04:39 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 08:24 AM – 09:53 AM |
| गुलिक काल | 05:27 AM – 06:55 AM |
| यमगण्ड | 12:51 PM – 02:20 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 08:36 AM – 09:24 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:21 PM – 02:08 PM |
| काल | 05:27 AM – 06:55 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:55 AM – 08:24 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:24 AM – 09:53 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:53 AM – 11:22 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:22 AM – 12:51 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:51 PM – 02:20 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:20 PM – 03:49 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:49 PM – 05:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:18 PM – 06:49 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:49 PM – 08:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:20 PM – 09:51 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:51 PM – 11:22 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:22 PM – 12:53 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:53 AM – 02:24 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:24 AM – 03:55 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:55 AM – 05:27 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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