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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2025-11-02

दोहा पंचांग — 2 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 02:37 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 3तक 02:33 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्याघाततक 08:40 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 03:55 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:42 AM
सूर्यास्त04:53 PM
चन्द्रोदय02:40 PM
चन्द्रास्त02:00 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:55 AM – 11:39 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:06 AM – 04:54 AM
अमृत काल06:46 AM – 08:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:29 PM – 04:53 PM
गुलिक काल02:05 PM – 03:29 PM
यमगण्ड11:17 AM – 12:41 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:23 PM – 04:08 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:42 AM – 07:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:05 AM – 08:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:29 AM – 09:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:53 AM – 11:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:17 AM – 12:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:41 PM – 02:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:05 PM – 03:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:29 PM – 04:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:53 PM – 06:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:29 PM – 08:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:05 PM – 09:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:41 PM – 11:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:17 PM – 12:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:53 AM – 02:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:29 AM – 04:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:05 AM – 05:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle