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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2025-11-20

दोहा पंचांग — 20 नवम्बर 2025

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 09:47 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 08:28 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशोभनतक 07:22 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणनागतक 09:47 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:54 AM
सूर्यास्त04:45 PM
चन्द्रोदय06:00 AM
चन्द्रास्त04:32 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:57 AM – 11:41 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:18 AM – 05:06 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:40 PM – 02:02 PM
गुलिक काल08:36 AM – 09:58 AM
यमगण्ड05:54 AM – 07:15 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:24 PM – 01:08 PM
दुर्मुहूर्त03:18 PM – 04:01 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:54 AM – 07:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:15 AM – 08:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:36 AM – 09:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:58 AM – 11:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:19 AM – 12:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:40 PM – 02:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:02 PM – 03:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:23 PM – 04:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:45 PM – 06:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:23 PM – 08:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:02 PM – 09:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:40 PM – 11:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:19 PM – 12:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:58 AM – 02:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:36 AM – 04:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:15 AM – 05:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle