VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-04-06
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · सोमवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 11:41 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | अनुराधा · पाद 2 | तक 12:26 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | सिद्धि | तक 12:55 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 11:41 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:20 AM |
| सूर्यास्त | 05:53 PM |
| चन्द्रोदय | 10:03 PM |
| चन्द्रास्त | 07:36 AM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | मीन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:44 AM – 04:32 AM |
| अमृत काल | 09:27 AM – 12:08 PM |
| राहु काल | 06:54 AM – 08:28 AM |
| गुलिक काल | 01:10 PM – 02:44 PM |
| यमगण्ड | 10:02 AM – 11:36 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:11 AM – 12:01 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:32 PM – 03:22 PM |
| अमृत | 05:20 AM – 06:54 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:54 AM – 08:28 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:28 AM – 10:02 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:02 AM – 11:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:36 AM – 01:10 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:10 PM – 02:44 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:44 PM – 04:18 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:18 PM – 05:53 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 05:53 PM – 07:18 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:18 PM – 08:44 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:44 PM – 10:10 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:10 PM – 11:36 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:36 PM – 01:02 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:02 AM – 02:28 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:28 AM – 03:54 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:54 AM – 05:20 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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