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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-05-03

दोहा पंचांग — 3 मई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, अनुराधा नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 12:32 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 07:28 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवरीयान्तक 07:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 11:24 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:56 AM
सूर्यास्त06:06 PM
चन्द्रोदय07:54 PM
चन्द्रास्त05:34 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:04 AM – 11:57 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:20 AM – 04:08 AM
अमृत काल04:06 PM – 06:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:27 PM – 06:06 PM
गुलिक काल02:48 PM – 04:27 PM
यमगण्ड11:31 AM – 01:09 PM
वर्ज्यम्08:03 AM – 09:51 AM
दुर्मुहूर्त04:20 PM – 05:13 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग04:56 AM – 06:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:34 AM – 08:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:13 AM – 09:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:52 AM – 11:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:31 AM – 01:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:09 PM – 02:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:48 PM – 04:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:27 PM – 06:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:06 PM – 07:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:27 PM – 08:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:48 PM – 10:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:09 PM – 11:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:31 PM – 12:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:52 AM – 02:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:13 AM – 03:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:34 AM – 04:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle