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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-05-17

दोहा पंचांग — 17 मई 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 07:11 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 12:02 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगअतिगण्डतक 11:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 09:06 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:48 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चन्द्रोदय04:54 AM
चन्द्रास्त07:07 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:03 AM – 11:57 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:12 AM – 04:00 AM
अमृत काल08:44 AM – 10:08 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:32 PM – 06:13 PM
गुलिक काल02:51 PM – 04:32 PM
यमगण्ड11:30 AM – 01:11 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:25 PM – 05:19 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग04:48 AM – 06:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:28 AM – 08:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:09 AM – 09:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:49 AM – 11:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:30 AM – 01:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:11 PM – 02:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:51 PM – 04:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:32 PM – 06:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:13 PM – 07:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:32 PM – 08:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:51 PM – 10:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:11 PM – 11:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:30 PM – 12:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:49 AM – 02:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:09 AM – 03:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:28 AM – 04:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle