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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-06-06

दोहा पंचांग — 6 जून 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 12:11 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 05:25 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगइन्द्रतक 07:34 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 11:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:43 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चन्द्रोदय11:01 PM
चन्द्रास्त09:34 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:05 AM – 11:59 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:07 AM – 03:55 AM
अमृत काल04:56 PM – 06:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:07 AM – 09:50 AM
गुलिक काल04:43 AM – 06:25 AM
यमगण्ड01:14 PM – 02:57 PM
वर्ज्यम्06:36 AM – 08:19 AM
दुर्मुहूर्त08:21 AM – 09:16 AM
दुर्मुहूर्त01:49 PM – 02:43 PM

दिन चौघड़िया

काल04:43 AM – 06:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:25 AM – 08:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:07 AM – 09:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:50 AM – 11:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:32 AM – 01:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:14 PM – 02:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:57 PM – 04:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:39 PM – 06:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:22 PM – 07:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:39 PM – 08:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:57 PM – 10:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:14 PM – 11:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:32 PM – 12:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:50 AM – 02:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:07 AM – 03:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:25 AM – 04:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle