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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-06-22

दोहा पंचांग — 22 जून 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · सोमवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 01:10 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 4तक 07:52 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्यतीपाततक 08:01 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 01:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:44 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय12:05 PM
चन्द्रास्त11:51 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:08 AM – 03:56 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:27 AM – 08:10 AM
गुलिक काल01:19 PM – 03:02 PM
यमगण्ड09:53 AM – 11:36 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:08 AM – 12:03 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:48 PM – 03:43 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:44 AM – 06:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:27 AM – 08:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:10 AM – 09:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:53 AM – 11:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:36 AM – 01:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:19 PM – 03:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:02 PM – 04:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:45 PM – 06:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:28 PM – 07:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:45 PM – 09:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:02 PM – 10:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:19 PM – 11:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:36 PM – 12:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:53 AM – 02:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:10 AM – 03:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:27 AM – 04:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle