VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-07-12

दोहा पंचांग — 12 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 08:00 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 1तक 03:11 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवृद्धितक 05:36 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:49 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:51 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय02:16 AM
चन्द्रास्त04:39 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:12 AM – 12:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:15 AM – 04:03 AM
अमृत काल06:16 PM – 07:41 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:45 PM – 06:28 PM
गुलिक काल03:03 PM – 04:45 PM
यमगण्ड11:39 AM – 01:21 PM
वर्ज्यम्09:47 AM – 11:12 AM
दुर्मुहूर्त04:39 PM – 05:33 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग04:51 AM – 06:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:33 AM – 08:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:15 AM – 09:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:57 AM – 11:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:39 AM – 01:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:21 PM – 03:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:03 PM – 04:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:45 PM – 06:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:28 PM – 07:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:45 PM – 09:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:03 PM – 10:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:21 PM – 11:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:39 PM – 12:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:57 AM – 02:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:15 AM – 03:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:33 AM – 04:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle