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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-07-29

दोहा पंचांग — 29 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 05:35 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 01:07 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगप्रीतितक 09:27 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 05:35 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:59 AM
सूर्यास्त06:21 PM
चन्द्रोदय06:29 PM
चन्द्रास्त04:27 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:23 AM – 04:11 AM
अमृत काल05:05 AM – 06:50 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:40 AM – 01:20 PM
गुलिक काल09:59 AM – 11:40 AM
यमगण्ड06:39 AM – 08:19 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:13 AM – 12:06 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:32 AM – 09:26 AM

दिन चौघड़िया

लाभ04:59 AM – 06:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:39 AM – 08:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:19 AM – 09:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:59 AM – 11:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:40 AM – 01:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:20 PM – 03:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:00 PM – 04:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:40 PM – 06:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:21 PM – 07:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:40 PM – 09:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:00 PM – 10:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:20 PM – 11:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:40 PM – 12:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:59 AM – 02:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:19 AM – 03:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:39 AM – 04:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle