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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-08-07

दोहा पंचांग — 7 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 02:07 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 04:13 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवृद्धितक 09:41 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:07 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:04 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय12:03 AM
चन्द्रास्त01:15 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:13 AM – 12:05 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:28 AM – 04:16 AM
अमृत काल01:03 PM – 02:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:00 AM – 11:39 AM
गुलिक काल06:42 AM – 08:21 AM
यमगण्ड02:57 PM – 04:36 PM
वर्ज्यम्04:05 AM – 05:35 AM
दुर्मुहूर्त10:20 AM – 11:13 AM
दुर्मुहूर्त01:51 PM – 02:44 PM

दिन चौघड़िया

चर05:04 AM – 06:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:42 AM – 08:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:21 AM – 10:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:00 AM – 11:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:39 AM – 01:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:18 PM – 02:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:57 PM – 04:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:36 PM – 06:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:15 PM – 07:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:36 PM – 08:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:57 PM – 10:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:18 PM – 11:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:39 PM – 01:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:00 AM – 02:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:21 AM – 03:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:42 AM – 05:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle