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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-09-01

दोहा पंचांग — 1 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 03:43 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 12:12 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवृद्धितक 09:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 04:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:14 AM
सूर्यास्त05:53 PM
चन्द्रोदय08:26 PM
चन्द्रास्त08:58 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:08 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:38 AM – 04:26 AM
अमृत काल04:27 PM – 06:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:43 PM – 04:18 PM
गुलिक काल11:33 AM – 01:08 PM
यमगण्ड08:23 AM – 09:58 AM
वर्ज्यम्07:33 PM – 09:06 PM
दुर्मुहूर्त10:17 AM – 11:08 AM
दुर्मुहूर्त01:40 PM – 02:30 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:14 AM – 06:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:48 AM – 08:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:23 AM – 09:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:58 AM – 11:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:33 AM – 01:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:08 PM – 02:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:43 PM – 04:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:18 PM – 05:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:53 PM – 07:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:18 PM – 08:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:43 PM – 10:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:08 PM – 11:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 PM – 12:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:58 AM – 02:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:23 AM – 03:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:48 AM – 05:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle