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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-09-14

दोहा पंचांग — 14 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, चित्रा नक्षत्र · सोमवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 05:14 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रचित्रा · पाद 4तक 11:25 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगब्रह्मतक 10:16 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 04:51 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:19 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय08:17 AM
चन्द्रास्त07:25 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:43 AM – 04:31 AM
अमृत काल04:03 AM – 05:43 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:51 AM – 08:24 AM
गुलिक काल01:01 PM – 02:34 PM
यमगण्ड09:56 AM – 11:29 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:04 AM – 11:53 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:21 PM – 03:11 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:19 AM – 06:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:51 AM – 08:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:24 AM – 09:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:56 AM – 11:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:29 AM – 01:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:01 PM – 02:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:34 PM – 04:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 PM – 05:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:39 PM – 07:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:06 PM – 08:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:34 PM – 10:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:01 PM – 11:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:29 PM – 12:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:56 AM – 02:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:24 AM – 03:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:51 AM – 05:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle