VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-10-06
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 10:05 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | आश्लेषा · पाद 2 | तक 07:47 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | साध्य | तक 02:30 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 10:49 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:28 AM |
| सूर्यास्त | 05:16 PM |
| चन्द्रोदय | 01:10 AM |
| चन्द्रास्त | 02:33 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 10:58 AM – 11:45 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:52 AM – 04:40 AM |
| अमृत काल | 05:43 PM – 07:15 PM |
| राहु काल | 02:19 PM – 03:47 PM |
| गुलिक काल | 11:22 AM – 12:50 PM |
| यमगण्ड | 08:25 AM – 09:53 AM |
| वर्ज्यम् | 08:26 AM – 09:59 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:11 AM – 10:58 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:20 PM – 02:07 PM |
| रोग | 05:28 AM – 06:56 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 06:56 AM – 08:25 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:25 AM – 09:53 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:53 AM – 11:22 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:22 AM – 12:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:50 PM – 02:19 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:19 PM – 03:47 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:47 PM – 05:16 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:16 PM – 06:47 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:47 PM – 08:19 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:19 PM – 09:50 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:50 PM – 11:22 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:22 PM – 12:53 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:53 AM – 02:25 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:25 AM – 03:56 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:56 AM – 05:28 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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