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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-10-20

दोहा पंचांग — 20 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 10:20 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 03:32 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशूलतक 10:20 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 10:20 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त05:03 PM
चन्द्रोदय01:33 PM
चन्द्रास्त12:43 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:55 AM – 11:41 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:10 PM – 03:36 PM
गुलिक काल11:18 AM – 12:44 PM
यमगण्ड08:26 AM – 09:52 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:09 AM – 10:55 AM
दुर्मुहूर्त01:13 PM – 01:59 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:34 AM – 07:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:00 AM – 08:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:26 AM – 09:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:52 AM – 11:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:18 AM – 12:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:44 PM – 02:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:10 PM – 03:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:36 PM – 05:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:03 PM – 06:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:36 PM – 08:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:10 PM – 09:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:44 PM – 11:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:18 PM – 12:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:52 AM – 02:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:26 AM – 04:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:00 AM – 05:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle