VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-11-05
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 08:06 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 1 | तक 01:26 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | वैधृति | तक 02:39 AM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 08:06 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:44 AM |
| सूर्यास्त | 04:51 PM |
| चन्द्रोदय | 02:04 AM |
| चन्द्रास्त | 02:17 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 10:55 AM – 11:39 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:08 AM – 04:56 AM |
| अमृत काल | 05:49 PM – 07:27 PM |
| राहु काल | 12:40 PM – 02:04 PM |
| गुलिक काल | 08:30 AM – 09:54 AM |
| यमगण्ड | 05:44 AM – 07:07 AM |
| वर्ज्यम् | 08:02 AM – 09:40 AM |
| दुर्मुहूर्त | 12:24 PM – 01:08 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:22 PM – 04:06 PM |
| शुभ | 05:44 AM – 07:07 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:07 AM – 08:30 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:30 AM – 09:54 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:54 AM – 11:17 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:17 AM – 12:40 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:40 PM – 02:04 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:04 PM – 03:27 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:27 PM – 04:51 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 04:51 PM – 06:27 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:27 PM – 08:04 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:04 PM – 09:40 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:40 PM – 11:17 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:17 PM – 12:54 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:54 AM – 02:30 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:30 AM – 04:07 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:07 AM – 05:44 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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