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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-12-15

दोहा पंचांग — 15 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 06:49 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 4तक 09:23 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगहर्षणतक 11:07 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 06:49 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:11 AM
सूर्यास्त04:46 PM
चन्द्रोदय10:34 AM
चन्द्रास्त10:12 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:07 AM – 11:49 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:35 AM – 05:23 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:07 PM – 03:26 PM
गुलिक काल11:28 AM – 12:47 PM
यमगण्ड08:49 AM – 10:09 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:25 AM – 11:07 AM
दुर्मुहूर्त01:14 PM – 01:56 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:11 AM – 07:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:30 AM – 08:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:49 AM – 10:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:09 AM – 11:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:28 AM – 12:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:47 PM – 02:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 PM – 03:26 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:26 PM – 04:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:46 PM – 06:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:26 PM – 08:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:07 PM – 09:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:47 PM – 11:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:28 PM – 01:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:09 AM – 02:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:49 AM – 04:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:30 AM – 06:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle