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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-02-14

दोहा पंचांग — 14 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 10:11 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 02:16 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगब्रह्मतक 12:38 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:58 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त05:27 PM
चन्द्रोदय10:39 AM
चन्द्रास्त12:44 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:25 AM – 12:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल12:07 AM – 01:39 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:02 PM – 05:27 PM
गुलिक काल02:37 PM – 04:02 PM
यमगण्ड11:48 AM – 01:12 PM
वर्ज्यम्02:52 PM – 04:24 PM
दुर्मुहूर्त03:56 PM – 04:41 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:09 AM – 07:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:33 AM – 08:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:58 AM – 10:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:23 AM – 11:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:48 AM – 01:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:12 PM – 02:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:37 PM – 04:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:02 PM – 05:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:27 PM – 07:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:02 PM – 08:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:37 PM – 10:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:12 PM – 11:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:48 PM – 01:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:23 AM – 02:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:58 AM – 04:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:33 AM – 06:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle